
कुल्लू। देश की सबसे बडे़ विद्युत परियोजना निर्माण में लगी सरकारी उपक्रम एनएचपीसी में सीमेंट, सरिया के बाद अब नाटकीय तरीके से बिजली के खंभे गायब हो गए हैं। लाखों की रुपये सरकारी प्रापर्टी का इस तरह सिलसिले बार गायब होने की घटनाओं ने एनएचपीसी-2 की कार्यप्रणाली अब सवालों के घेरे में आ गई है। बताया जा रहा है कि बिजली आपूर्ति के लिए खरीदे गए सैकड़ों की तादाद में लोहे के खंभे गायब होने की प्रबंधन ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। विभाग की प्रारंभिक जांच में इन खंभों की कीमत करोड़ों रुपये आंकी गई है।
सीमेंट और सरिया के कथित घोटाले के बाद अब खंभे गायब होने की घटना से एनएचपीसी प्रबंधन पर ही सवाल उठ रहे हैं। पुलिस को दिए शिकायत पत्र के मुताबिक इन खंभों को साल 2008 में खरीदने के बाद गड़सा घाटी के मनिहारी और बरशैणी क्षेत्र में जगह-जगह खुले में रखा गया था। इन खंभों को बिजली आपूर्ति के लिए लगाया जाना था, लेकिन इसी बीच शातिरों ने इन लाखों रुपये कीमत के खंभों पर हाथ मार दिया। वहीं इस संबंध में भुंतर थाना प्रभारी लालचंद ने बताया कि पुलिस ने प्रबंधन की शिकायत पर प्रारंभिक जांच बिठा दी है। सभी पहलुओं को मद्देनजर रखकर ही जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रारंभिक जांच पूरा करने के बाद ही मामला दर्ज किया जाएगा। मामला करीब पांच साल पुराना है, लिहाजा इसको लेकर पुलिस प्रबंधन से भी पूछताछ करेगी।
